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बंगाल व उड़ीसा में ‘यास’ ने कई लाख घर उजाड़े,सैकड़ो गांव में भरा तूफान का पानी ,10 पॉइंट में जाने कितनी मची तबाही

बंगाल में दीघा का दृश्य

(पीडीआर ग्रुप)

(एजेंसी)ओडिशा-बंगाल में चक्रवात यास ने भारी तबाही मचाई। तेज हवा-बारिश से बुधवार को सैकड़ों तटीय गांवों में पानी भर गया और लाखों घर उजड़ गए। इससे बंगाल में तीन और ओडिशा में एक व्यक्ति की मौत हो गई। सिर्फ बंगाल में ही एक करोड़ लोग प्रभावित हुए हैं। इस बीच, जलपाईगुड़ी में बुधवार दोपहर 3.8 तीव्रता का भूकंप आया। लगातार बारिश से कई जिले जलमग्न हैं। नदियों का जलस्तर बढ़ गया और सैकड़ों तटबंध टूट गए। तूफान प्रभावित पांच राज्यों में एनडीआरएफ की 113 टीमें लोगों को सुरक्षित पहुंचा रही है। ओडिशा 5.8 लाख जबकि बंगाल में 15 लाख लोगों को शरणस्थलों पर पहुंचाया गया है। ओडिशा के चांदीपुर और बालासोर, तो बंगाल के दक्षिण 24 परगना सबसे ज्यादा प्रभावित है।चक्रवात के दौरान 145 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तूफानी हवाएं चलने से कई मकान क्षतिग्रस्त हो गये, खेतों में पानी भर गया।

चक्रवात के कारण ओडिशा, पश्चिम बंगाल ओर झारखंड में 21 लाख से अधिक लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया। अपराह्र में तटों से टकराने के बाद तूफान कमजोर पड़ गया था। चक्रवात के कारण ओडिशा में तीन लोगों और पश्चिम बंगाल में एक व्यक्ति की मौत हो गयी। पश्चिम बंगाल सरकार ने दावा किया है कि इस प्राकृतिक आपदा के कारण कम से कम एक करोड़ लोग प्रभावित हुए हैं।

-‘ताउते के बाद एक सप्ताह के भीतर देश के तटों से टकराने वाला ‘यास दूसरा चक्रवाती तूफान है। ओडिशा के बालासोर और भद्रक जिलों में 128 गांवों में पानी भर गया। मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने इन गांवों के लिए सात दिनों तक राहत पहुंचाने की घोषणा की है।

-ओडिशा के विशेष राहत आयुक्त (एसआरसी) पी के जेना ने बताया कि बालासोर जिले के बहनागा और रेमुना ब्लॉक और भद्रक जिले के धामरा और बासुदेवपुर के कई गांवों में समुद्र का पानी घुस गया। उन्होंने कहा कि प्रशासन स्थानीय लोगों की मदद से गांवों से पानी निकालने के वास्ते कदम उठा रहा है। जेना ने कहा कि मयूरभंज जिले के सिमलिपाल राष्ट्रीय उद्यान में भारी बारिश के कारण बुधबलंग नदी में अचानक बाढ़ आने की आशंका जताई गई है। दोपहर में नदी का जलस्तर 27 मीटर के खतरे के स्तर के मुकाबले 21 मीटर पर था।

-उन्होंने कहा कि मयूरभंज जिला प्रशासन ने नदी के दोनों तरफ स्थित कुछ इलाकों और बारीपदा शहर के कुछ निचले इलाकों को खाली कराना शुरू कर दिया है। जेना ने कहा कि तार कटने के बाद जगतसिंहपुर, केंद्रपाड़ा और जाजपुर जिले में कुछ जगहों पर बिजली लाइनों की मरम्मत का काम शुरू हो गया है। उन्होंने बताया कि इन जिलों में ज्यादा नुकसान नहीं हुआ है।

-स्थानीय सूत्रों ने बताया कि क्योंझर और बालासोर में पेड़ गिरने से एक-एक व्यक्ति की मौत हो गई लेकिन इसकी आधिकारिक रूप से पुष्टि नहीं हुई है। मयूरभंज में एक और बुजुर्ग महिला की मकान गिरने से मौत हो गई। पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता और ओडिशा की राजधानी भुवनेश्वर में चक्रवात का बहुत असर नहीं पड़ा लेकिन इस वजह से तेज हवाएं चलने के साथ भारी बारिश हुई।

-ओडिशा के संवेदनशील क्षेत्रों से 6.5 लाख लोगों को सुरक्षित स्थलों पर पहुंचाया गया है और पश्चिम बंगाल में 15 लाख लोगों को शरणस्थलों पर पहुंचाया गया है। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा कि राज्य में चक्रवात से एक करोड़ लोग प्रभावित हुए है। उन्होंने बताया कि चक्रवात के कारण तीन लाख मकान क्षतिग्रस्त हो गये। उन्होंने दावा किया कि चक्रवात के कारण राज्य ”सबसे अधिक प्रभावित हुआ है। मुख्यमंत्री बनर्जी ने कहा कि इस प्राकृतिक आपदा से बंगाल में कम से कम एक करोड़ लोग प्रभावित हुए हैं। अब तक तीन लाख मकान और 134 तटबंध क्षतिग्रस्त हो चुके हैं।

-ममता ने बताया कि एक व्यक्ति की दुर्घटनावश मौत हो गई। उन्होंने कहा कि प्रभावित इलाकों में 10 करोड़ रुपये की राहत सामग्री भेजी गई है। एक रक्षा अधिकारी ने बताया कि ओडिशा के बालासोर जिले के साथ सीमा साझा करने वाला पूर्वी मिदनापुर का दीघा पूरी तरह से जलमग्न हो गया है और राहत एवं बचाव कार्यों के लिए सेना को बुलाया गया है।

-रक्षा अधिकारी ने बताया कि सेना ने राज्य प्रशासन की मदद के लिए पश्चिम बंगाल में 17 कॉलम तैनात किये हैं। उन्होंने कहा कि सेना द्वारा राहत एवं बचाव अभियान हावड़ा जिले के ऑर्फुली में भी चलाया जा रहा है। बनर्जी ने राज्य में खासकर पूर्व मेदिनीपुर, दक्षिण 24 परगना, उत्तर 24 परगना, पश्चिम मेदिनीपुर, हावड़ा, हुगली, पुरुलिया और नदिया के लोगों से घरों में रहने की अपील की है।

-मुख्यमंत्री ने कहा, ”लगभग पूरे पश्चिम बंगाल में पानी भर गया है। कई तटबंध टूट गए हैं और समुद्र का पानी दक्षिण 24 परगना के सागर एवं गोसाबा जैसे क्षेत्रों और पूर्व मिदनापुर के मंदारमणि, दीघा और शंकरपुर जैसे तटीय क्षेत्रों में घुस गया है। निचले इलाकों में व्यापक क्षति हुई है।

-अधिकारियों ने बताया कि सेना, राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ), राज्य आपदा मोचन बल (एसडीआरएफ) और राज्य पुलिस लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के लिए 24 घंटे काम कर रही हैं। उन्होंने बताया कि कोलकाता के कुछ निचले इलाकों में पानी भरने की खबर है। मौसम कार्यालय ने पूर्वी और पश्चिमी मिदनापुर जिलों में भारी बारिश और झाड़ग्राम, बांकुड़ा, दक्षिण 24 परगना जिलों में अगले 24 घंटों में बहुत भारी बारिश होने की आशंका जताई है।

-मौसम कार्यालय ने बताया कि ‘यास के कारण पुरुलिया, नदिया, मुर्शिदाबाद, हावड़ा, हुगली, कोलकाता, उत्तर 24 परगना, दार्जिलिंग और कलिम्पोंग जिलों में छिटपुट स्थानों पर भारी बारिश होगी। रांची में अधिकारियों ने बताया कि झारखंड में चक्रवात के आने की आशंका को देखते हुए पहले से ही सतर्कता बरती जा रही है। राज्य के निचले इलाकों में 10,000 से ज्यादा लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया। आपदा प्रबंधन सचिव अमिताभ कौशल ने ‘पीटीआई-भाषा को बताया कि ‘यास के मद्देनजर कुछ अन्य जिलों के अलावा पूर्वी और पश्चिमी सिंहभूम के संवेदनशील इलाकों में युद्धस्तर पर अभियान चलाया जा रहा है।

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