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मनबसा जंगल से कर्री पहुँची आग ने लिया रौद्र रूप , कई  कच्चे के घर व मड़हे हुए स्वाहा , लगभग 50 बीघा फसल जल कर खाक,एक महिला भी झुलसी

गुलालझारिया के कर्री टोला चारों तरफ से आग से घिरी रही ,घंटो रहा अफरा तफरी का माहौल

ग्रामीणों का आरोप आग से धधक रहे जंगल को वन विभाग रोकने में विफल,आग रोकने की कोई नहीं है रणनीति

(पीडीआर ग्रुप)

दुद्धी/ सोनभद्र| म्योरपुर रेंज के मनबसा जंगल में लगी आग आज दस बजे सुबह बघाडू वन रेंज के गुलालझारिया गांव के जंगल किनारे स्थित कर्री टोला में पहुँच गयी और जैसे जैसे दिन चढ़ाता गया आग विकराल रूप लेते हुए किसानों के खेतों में पहुँच गयी जिससे दर्जनों किसानों के पचासों बीघा फसल जलकर स्वाहा हो गए वहीं कई किसानों के गृहस्थी वाले घर कई के खेत मे स्थित मड़हे जलकर खाक हो गए वहीं 4 बकरी व एक महिला भी आग से झुलस गई| जब जंगल से गाँव पहुँची आग ने विकराल रूप ले लिया तो गाँव के युवक मंगल दल के ब्लॉक प्रभारी त्रिभुवन यादव ने साढ़े बारह बजे इसकी सूचना तहसील प्रशासन व कोतवाली पुलिस को सूचना दी तो लगभग ढाई बजे दोपहर दमकल की वाहन मौके पहुँची और आगजनी के इलाके के धधकती आग की 1 प्रतिशत हिस्सा भी बुझाया नहीं गया कि दमकल वाहन में पानी खत्म हो गया|

गाड़ी जो घंटे भर शोपिस बन खड़ी रही|साढ़े तीन बजे तक पुलिस प्रशासन व वन कर्मी मौके पर पहुँच गए और ग्रामीणों संग मिलकर आग बुझाने का प्रयास करते रहे, शाम चार बजे हिंडाल्को से पहुँची दमकल वाहन आग बुझाने के प्रयास में जुट गई वहीं पहले से आई उत्तर प्रदेश के दमकल वाहन को पानी भरने के लिए कहीं भेजा गया ,उधर तेज गर्म हवाओं के लहरों से आग धधकती जा रही थी|

प्राप्त जानकारी के अनुसार जंगल से गाँव पहुँची आग से विस्वास कुशवाहा की अरहर व गेहूं की फसल कई बीघा में लगी फसल , सुख्खू गोंड के गेंहू , रहर ,टमाटर ,चना की फसल के साथ उनकी पत्नी झुलस गई ,मंगरु गहवा की झोपड़ी,अर्जुन विश्वकर्मा की गेहूं , सोबरन पाल की गेंहू व रहर की फसल के साथ गृहस्थी का घर, श्रवण कुशवाहा का गेंहू , राजू गुप्ता का मड़ई ,गेहूं का फसल , हरखमन कुशवाहा गेंहू ,टमाटर , रहर का फसल , रमागति का चार बकरी , सुरजमन गुप्ता का झोपड़ी , मंगरु गहवा का पाही वाला घर , सुभाष कुशवाहा का सबर्सिबल पम्प , अरहर व गेंहू की फसल , सहित शिव प्रसाद ,गरीबन कुशवाहा , रामदुलार गुप्ता , बिगन सिंह , रामचंद्र ,राममनोहर ,रामसुंदर सहित अन्य किसानों के फसल को भारी क्षति हुई|शाम 5 बजे तक आग को बुझाने का प्रयास दमकल कर्मियों द्वारा व ग्रामीणों द्वारा जारी था| वहीं दूसरी ओर पर्यावरण कायकर्ताओं ने आरोप लगाया है कि प्रतिदिन सैकड़ो बीघा जंगल आग से धधक रहीं है और इस पर काबू पाने के लिए वन विभाग के पास कोई रणनीति नहीं है ,पिछले एक सप्ताह के दौरान कटौन्धी ,गड़दरवा व मनबसा में सैकड़ो बीघा घने जंगल में वन औषधियां व पेड़ पौधे जलकर खाक हो गए वहीं दुर्लभ प्रजाति के सर्प ,गोह और उनके अंडे बच्चे जलकर स्वाहा हो गए| आगजनी से भारी पैमाने पर जंगली जीव जंतु पर खतरा मंडरा रहा है और वे दम तोड़ दे रहें है|

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