कोतवाली क्षेत्र के बीडर गांव का मामला,उभ्भा कांड होने की जताई जा रही संभावना।

पीड़ित परिवार ने पुलिस क्षेत्राधिकारी को प्रार्थना पत्र देकर लगाया न्याय की गुहार।

पीड़ित आदिवासी दंपती

दुद्धी।कोतवाली क्षेत्र के बीडर गांव में कुछ दबंग ग्रामीणों द्वारा गोलबंद होकर सोमवार की रात्रि 8 बजे एक आदिवासी दम्पति के घर पर उस समय टूट पड़े जब वे घर में सोने की तैयारी कर रहें थे।इस दौरान आदिवासी दंपत्ति की पिटाई की और उसके जोत कोड की जमीन में यह कहकर खूंटा खम्बा गाड़ने लगे कि यह हमारी जमीन है जहां जाना चाहते हो जाओ।डरें सहमे पीड़ित परिवार ने नदी में छुपकर रात गुजारी।
पीड़ित परिवार ने उसी दिन 112 डायल पुलिस को सूचना भी दी लेकिन पुलिस मौके पर नहीं पहुँची।अगले सुबह कोतवाली पहुँच कर गुहार लगाई तो मौके पर किसी दरोगा को भेज कर जांच करवाने की बात कही गयी लेकिन कल मंगलवार को पीड़ित पक्ष इंतेजार करते रह गए लेकिन पुलिस नहीं पहुँची,आज बुधवार की सुबह कोतवाली पुलिस ने मामले को लेकर पुलिस क्षेत्राधिकारी से मिलने की सुझाव दिया गया।
पीड़ित परिवार ने आज पुलिस क्षेत्राधिकारी कार्यालय पर शिकायती पत्र देकर न्याय की गुहार लगाई है।
दिए पत्र में पीड़ित आदिवासी हिरावती देवी ने आरोप लगाया है कि 7- 8 लोगों ने गोलबंद होकर उसके घर पर चढ़कर गाली गलौज देते हुए जातिसूचक शब्दो का प्रयोग करते हुए उसे व उसके परिवार के अन्य लोगों को मारा पीटा गया।पीड़िता के शरीर पर कई अंदुरुनी चोट आने का भी आरोप है,साथ ही उसका बाह खिंचकर ब्लॉज भी फाड़ दिया गया।विपक्षियों द्वारा जातिसूचक शब्दो का प्रयोग कर कहा गया कि यहां से जमीन छोड़ चले जाओ नही तो जमीन में गाड़ देंगे। आरोप है कि विपक्षी जाते जाते घर मे रखे 5 हजार भी लूट कर ले गए।विपक्षी आये दिन पीड़ित आदिवासी परिवार को मारते पीटते व धमकाते रहते है जिससे पीड़ित परिवार भय के साए में जीवन जीने को मजबूर है।उन्होंने आशंका व्यक्त की है कि उनकी कभी भी हत्या जो सकती है।उधर बसपा के विधान सभा अध्यक्ष राजेश घुसिया ने कहा कि अगर प्रसाशन इस प्रकरण को संज्ञान लें कोई कार्रवाई नहीं करती तो उभ्भा कांड होते देर नही लगेगी।उन्होंने कहा कि अगर पीड़ित आदिवासियों की नहीं सुना गया तो वे धरना देने को बाध्य होंगे।

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